शेयर बाजार का महत्त्व

शेयर बाजार का महत्त्व 

   
        आपको जान कर आश्चर्य होगा की एशिया का पहला शेयर बाजार सन १८८५ को मुंबई में एक बरगत के पेड़ के निचे स्थापित किया गया था जिसे दलाल स्ट्रीट के नाम से हम जानते है | अब वह एक भव्य इमारत दिखाई देती है | यहाँ भारत की कई सारी छोटी,बड़ी कंपनीयो की शेयर की नीलामी होती है | पहले शेयर बाजार मई ट्रेडिंग मौखिक होती थी अगर किसी को शेयर बेचना हो तो जो ऊंची बोली लगाता  उसे बेच देते , और अगर शेयर लेने हो तो जो काम दाम  में  दे उसी से खरीद लेते थे | लेकिनं अब आज की बढ़ते भागदौड़ और तंत्रज्ञान की दुनिया में ट्रेडिंग कंप्यूटर से की जाती है | जो की बोहोत आसान हो गया है |

Bombay stock exchange 
       
 भारत में दो बड़े स्टॉक एक्सचेंज फर्म है | 
  • बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)

BSE , NSE
                   
                      शेयर बाजार दो प्रमुख भागो में बता है जिसे हम प्राइमरी मार्केट  और सेकेंडरी मार्केट के नामो से भी जानते है | 
  • प्राइमरी मार्केट जहा कंपनी पहली  बार स्टॉक एक्सचेंज में  पूंजी जुटाने के लिए कोपेनी के शेयर इशू करति है जिसे हम इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (ipo) कहते है | 
  • सेकेंडरी मार्केट जहा स्टॉक एक्सचेंज मई कंपनी लिस्टिंग होने के बाद दो ट्रेडर्स में शेयर्स  को खारिदा और बेचा जाता है 
                     शेयर बाजार एक देश की इकॉनमी के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा है जैसे की रोज की जरुरत के लिए अन्य बाजार होते है | वैसे ही एक कंपनी को चलाने के लिए कैपिटल की जरुरत होती है वह शेयर बाजार से प्राप्त होती है | जो की देश में उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भुमीका  निभाता है | 
 
     



  
         

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